मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर बीस-बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह सनसनीखेज मामला तीन मार्च दो हजार पच्चीस का है, जब सौरभ राजपूत की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी और उसके शव को पांच टुकड़ों में काटकर एक नीले ड्रम में भर दिया गया था।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान रो पड़े आरोपी
अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने से ठीक पहले जेल में बंद मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई से जोड़ा गया। सजा का ऐलान सुनते ही दोनों आरोपी फूट-फूटकर रोने लगे। जब जज ने मुस्कान से उसकी आखिरी इच्छा या अपराध को लेकर सवाल किया, तो उसने रोते हुए अपनी बच्चियों का ख्याल रखे जाने की गुहार लगाई और उसके बाद वह पूरी तरह खामोश हो गई। वहीं, जब साहिल से यही सवाल पूछा गया, तो वह चुपचाप खड़ा रहा।
पीड़ित परिवार की प्रतिक्रिया
फैसला आने के बाद मृतक सौरभ की मां की आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने राहत की सांस लेते हुए कहा कि उन्हें कानून और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा था तथा अंततः उन्हें शांति के साथ न्याय मिल गया है। सौरभ के भाई बबलू ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनका परिवार शुरू से ही आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उनका उन आरोपियों से कोई वास्ता नहीं है और न ही वे उन्हें अपनाना चाहते हैं। परिवार ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में आरोपियों की तरफ से डीएनए टेस्ट या अन्य किसी दबाव का प्रयास किया गया, तो उनका परिवार उसमें बिल्कुल सहयोग नहीं करेगा।
अभियोजन पक्ष का पक्ष
मामले की पैरवी कर रहे अभियोजन पक्ष के वकील विजय बहादुर ने जानकारी दी कि अदालत ने दोनों दोषियों, साहिल और मुस्कान को मृत्युदंड की सजा से दंडित किया है। पुलिस और अभियोजन द्वारा पेश किए गए पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने इस जघन्य हत्याकांड में यह कठोर फैसला सुनाया है।





