अमरावती। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन प्रमुख के रूप में सफलतापूर्वक 25 वर्ष पूरे होने पर उनके नेतृत्व की जमकर प्रशंसा की है। उन्होंने इस लंबी राजनीतिक और प्रशासनिक यात्रा को भारत के तीव्र विकास, परिवर्तन और बढ़ती राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं का एक मजबूत आधार बताया है। मुख्यमंत्री नायडू ने अपने सार्वजनिक जीवन के चार दशकों से अधिक के अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कई तरह की सरकारों, बदलती अर्थव्यवस्थाओं और तकनीकी युग को देखा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि देश की प्रगति में एक मजबूत नेतृत्व सबसे ज्यादा मायने रखता है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के प्रमुख आधार

नायडू ने प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली और उनकी इस लंबी प्रशासनिक यात्रा की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके काम में विजन की स्पष्टता, गहरी ईमानदारी, कड़ा अनुशासन, हर छोटी बारीकी पर पैनी नजर और सबसे बढ़कर किसी भी कार्य को पूरी क्षमता के साथ धरातल पर उतारने का अदम्य कौशल झलकता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक महामंदी, विभिन्न युद्धों के संकट, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और तेजी से बदलते तकनीकी परिवेश के बावजूद भारत ने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में अपनी विकास की दिशा को कभी भटकने नहीं दिया और मजबूती से आगे बढ़ता रहा।

राष्ट्रीय विकास और आधुनिक तकनीक का विस्तार

मुख्यमंत्री ने विस्तार से बताया कि पिछले ढाई दशकों के दौरान देश के बुनियादी ढांचे यानी इंफ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व तेजी आई है। सरकार की कल्याणकारी योजनाएं बिना किसी रुकावट के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंची हैं। इसके अलावा, देश भर में नई तकनीकों को तेजी से अपनाया गया है और युवाओं में उद्यमिता को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिला है। आज वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत और आत्मविश्वास से भरपूर हो चुकी है। नायडू का मानना है कि केवल कुछ चुनिंदा नेताओं को ही किसी पूरी पीढ़ी की सोच को आकार देने का अवसर मिलता है और प्रधानमंत्री मोदी ने इस कसौटी पर पूरी तरह खरा उतरकर देश के भविष्य की दिशा तय की है।

सहयोगी संघवाद और वैश्विक पटल पर मजबूत भारत

गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक के सफर में मोदी ने ہمیشہ ‘टीम इंडिया’ की भावना को सर्वोपरि रखा है और उनका हमेशा से यह दृढ़ विश्वास रहा है कि भारत जैसे विशाल देश में वास्तविक बदलाव केवल केंद्र या दिल्ली से नहीं लाया जा सकता, बल्कि इसके लिए राज्यों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। नायडू ने वैश्विक कूटनीति का जिक्र करते हुए कहा कि आज दुनिया भर के मंचों पर भारत की आवाज को बेहद सम्मान के साथ सुना और समझा जाता है। देश अपनी रणनीतिक स्वतंत्रता को बरकरार रखते हुए दुनिया के तमाम बड़े शक्ति केंद्रों के साथ संतुलन बनाए हुए अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा कर रहा है और एक आधुनिक तकनीक आधारित राष्ट्र के रूप में अपनी अमिट पहचान बना रहा है।

भारत के स्वर्णिम भविष्य की मजबूत नींव

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते 25 वर्षों ने देश को ऐसे नेतृत्व के गुण दिए हैं जिनकी आज के दौर में सबसे अधिक आवश्यकता थी। उन्होंने विश्वास जताया कि जहां बीते 25 वर्षों ने मोदी के प्रशासनिक और राजनीतिक कौशल का एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्थापित किया है, वहीं आने वाले अगले 20 वर्ष वैश्विक इतिहास में भारत के सर्वोच्च स्थान और उसकी तकदीर को तय करने में सबसे महत्वपूर्ण साबित होंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर शासन के प्रमुख के रूप में इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत की थी और वर्तमान में वह लगातार अपने तीसरे कार्यकाल में देश का नेतृत्व कर रहे हैं।