बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के तेजवापुर ब्लॉक स्थित खसहा मोहम्मदपुर गांव में एक अनूठी पहल ने ग्रामीण छात्रों की तस्वीर बदल दी है। कभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहर का रुख करने वाले बच्चों को अब बेहतर संसाधन और किताबें उनके अपने गांव में ही मिल रही हैं। ग्राम पंचायत सचिवालय के भीतर स्थापित इस आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी ने पारंपरिक पढ़ाई और तकनीक का एक बेहतरीन मेल पेश किया है।
डिजिटल सुविधाओं और पुस्तकों का अनूठा संगम
इस डिजिटल लाइब्रेरी में छात्रों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कंप्यूटर, प्रिंटर, हाई-स्पीड इंटरनेट, वाई-फाई, स्मार्ट टीवी और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी जैसी तमाम आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी महत्वपूर्ण पुस्तकों के साथ-साथ नेशनल बुक ट्रस्ट का उच्च गुणवत्ता वाला साहित्य भी यहां रखा गया है। इससे ग्रामीण युवाओं को एक ही छत के नीचे ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह की अध्ययन सामग्री आसानी से मिल रही है।
समय और धन की बचत से आसान हुई पढ़ाई
गांव में ही इस तरह के उन्नत संसाधन मिलने से विद्यार्थियों का शहर आने-जाने में खर्च होने वाला बेशकीमती समय और पैसा दोनों बच रहा है, जिसका उपयोग अब वे अपनी पढ़ाई को बेहतर बनाने में कर रहे हैं। वे यहां नियमित अध्ययन के साथ-साथ ई-लर्निंग के माध्यम से भी जुड़ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017 से पहले ऐसी डिजिटल लाइब्रेरी की पहुंच केवल जिला या राज्य स्तर के 76 स्थानों तक ही सीमित थी, जो अब बढ़कर हजारों ग्राम पंचायतों तक पहुंच चुकी है। साथ ही, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाखों युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट भी बांटे गए हैं।





