नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आगामी 1 अक्टूबर को मध्य प्रदेश दौरे से ठीक पहले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन पर और 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। शिवराज ने राहुल गांधी पर विदेश में देश की छवि धूमिल करने और लगातार झूठ व मनगढ़ंत आरोप लगाने का आरोप लगाया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी अपनी गलतियों के लिए माफी मांगने के बजाय सिर्फ कन्फ्यूजन फैला रहे हैं।

'सेव डेमोक्रेसी नहीं, सेव डायनेस्टी मार्च है'

इंडिया गठबंधन की बैठकों और रणनीतियों पर सवाल उठाते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इन बैठकों का नतीजा "शून्य विजन, सौ प्रतिशत हताशा और चुनाव से पहले ही हार का बहाना" साबित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब 'सेव डेमोक्रेसी' (लोकतंत्र बचाओ) के नाम पर असल में 'सेव डायनेस्टी' (वंश बचाओ) मार्च करने जैसा है।

शिवराज ने कटाक्ष करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में जब तक बीजेपी की जीत सुनिश्चित नहीं हुई थी, तब तक राहुल गांधी टीएमसी की हार का कारण ममता बनर्जी की गलतियां बता रहे थे और तब उन्हें 'एसआईआर' (SIR) याद नहीं आया था, लेकिन अब वे इस पर बयानबाजी कर रहे हैं। इससे साफ है कि उन्हें खुद नहीं पता कि उन्हें क्या बोलना है और क्या नहीं।

'इंडिया गठबंधन में बिखराव और नेतृत्व पर सवाल'

इंडिया गठबंधन की एकजुटता पर बड़ा सवाल खड़ा करते हुए शिवराज ने कहा कि इस गठबंधन की हालत "दिल के टुकड़े-टुकड़े होने" जैसी हो गई है, जिसका एक टुकड़ा यहां गिरता है तो दूसरा वहां। उन्होंने सवाल उठाया कि बैठक में बड़े चेहरे नदारद क्यों थे:

  • उत्तर प्रदेश के चुनाव नजदीक होने के बावजूद अखिलेश यादव बैठक में क्यों नहीं थे?

  • एमके स्टालिन (DMK) पहले ही कह चुके हैं कि जहां कांग्रेस होगी, वे वहां नहीं बैठेंगे।

  • अरविंद केजरीवाल और उद्धव ठाकरे भी इस बैठक से नदारद रहे।

शिवराज ने दावा किया कि असलियत तो यह है कि इंडिया गठबंधन के दल खुद राहुल गांधी को अपना नेता मानने को तैयार नहीं हैं। यह उनकी खुद को स्थापित करने और री-लॉन्च करने की 50वीं कोशिश है, लेकिन वे बार-बार असफल हो रहे हैं, जबकि कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में राहुल गांधी नेताओं से केवल "मुझ पर भरोसा करो" की गुहार लगा रहे हैं।

'शुद्ध वोटर लिस्ट लोकतंत्र की आत्मा'

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और वोटर लिस्ट से नाम हटाने के विपक्ष के विरोध पर पलटवार करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शुद्ध और पारदर्शी मतदाता सूची ही असल मायनों में "लोकतंत्र की आत्मा" है। उन्होंने कांग्रेस से सीधा सवाल किया कि यदि कोई व्यक्ति जीवित नहीं है, मतदाता सूची में नाम डुप्लीकेट हैं, या जो व्यक्ति देश का नागरिक ही नहीं है, उसका नाम वोटर लिस्ट से काटा जाता है, तो इस पर विपक्ष को क्या आपत्ति हो सकती है? एक पवित्र और निष्पक्ष लोकतंत्र के लिए मतदाता सूची का साफ-सुथरा होना सबसे जरूरी है।